Proofreading क्या है, इससे पैसे कैसे कमाएं-

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Proofreading क्या है
Proofreading

What is Proofreading- How to earn money with this

देश में Lockdown के बाद बहुत से लोगों ने रोजगार गंवा दिये हैं. लेकिन Proofreading एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें हमेशा की तरह अब भी रोजगार की अपार संभावनाएं हैं. जब आप ये पूरी पोस्ट पढ़ेंगे तो जानेंगे Proofreading क्या है और Proofreading से पैसे कैसे कमाएं.  

हांलाकि प्रूफ रीडिंग एक दम आसान काम नहीं है. लेकिन बहुत ज्यादा कठिन भी नहीं है. अगर आपकी किसी भी विषय में विशेष रुचि है. और आप उसके expert हैं तो Proofreading बहुत ही आसान है.

Proofreading कैसे करें, ये बिलकुल भी असंभव नहीं है. अगर आप बस थोड़ी सी मेहनत कर लेते हैं और ग्रेजुएट हैं तो सच मानिए यह बहुत ही आसान है. प्रूफ रीडिंग के लिए ऐसा बिलकुल नहीं है कि आपको नौकरी ही करनी पड़े. आप Freelancing Proofreading भी कर सकते हैं.

तो चलिये अब आपका और समय खराब ना करते हुए आपको बताते हैं कि प्रूफ रीडिंग क्या है.

Proofreading क्या है
Proofreading क्या है

Proofreading क्या है- (Proofreading Meaning in Hindi)

आप जो भी किताब पढ़ते हैं. क्या आपने सोचा है कि उसमें गलतिया नहीं हैं. या फिर हैं भी तो ना के बराबर हैं. जी हाँ दोस्तो किताब लिखे जाने से लेकर टाइप होकर छपने जाने के बीच में होता है Proofreader. यही Proofreader किताब की रीडिंग करते हैं और छपने से पहले किताब की गलतिया सही कराते हैं. अपनी Proofreading services के द्वारा वो किताब को त्रुटि रहित बनाने में अपना योगदान देते हैं.

तो आप समझ गए होंगे. कि एक Proofreader द्वारा किताब के proof पढ़कर जो किताब की गलतिया सही कराई जाती हैं उसे ही प्रूफ रीडिंग कहते हैं. तो अब आप आसानी से समझ गए होंगे कि What is Proofreading in Hindi.

एक Proofreader का काम किसी भी पुस्तक में कोई परिवर्तन करना नहीं होता. फिर भी किसी भी पुस्तक को बेहतरीन बनाने के लिए वो अपने सुझाव दे सकता है. Proofreading and Editing में एक Proofreader का ये काम होता है. कि किताब के लेखक द्वारा लिखी किसी line में वो कोई कमी देखे तो उसे सही कराये.   

Proofreading Techniques द्वारा एक Proofreader का काम केवल ये देखना नहीं होता. कि किताब में कोई स्पेलिंग मिस्टेक तो नहीं हैं. बल्कि एक Proofreader किताब के font, पेज का साइज, फ्रंट पेज आदि चीजें भी देखता है. अगर किताब फोर कलर में है तो एक Proofreader किताब में दिये कलर कॉम्बिनेशन को भी ध्यान से देखता है.

बिलकुल भी ऐसा नहीं है कि केवल किताबों की ही प्रूफ रीडिंग होती है. Proofreading Meaning में हम आपको ये जरूर बताना चाहेंगे. कि आप जो अखबार, मेगज़ीन पढ़ते हैं उन सब की भी फ़ाइनल प्रिंटिंग से पहले प्रूफ रीडिंग होती है.

Proofreading के प्रकार

वैसे तो यह शायद आप में से ज्यादा तर लोग जानते हों. लेकिन फिर भी जो नहीं जानते उनके लिए मैं यहाँ बताना चाहूँगा कि प्रूफ रीडिंग कितने प्रकार की होती है.

1. First Reading

जब कोई भी किताब, न्यूज़ पेपर या मेगज़ीन टाइप होकर पहली बार किसी Proofreader के पास प्रूफ रीडिंग के लिए जाती है. तब उसे first Reading कहते हैं. First Reading में reader को बहुत अधिक ध्यान देना होता है. तथा फ़र्स्ट रीडिंग में ही सबसे ज्यादा  Proofreading Errors मिलते हैं.

2. Second Reading

जैसे ही पहली रीडिंग की गलतिया सुधार दी जाती हैं. तो फिर टाइप किए गए मटिरियल को दूसरी रीडिंग के लिए दिया जाता है. पहले reader ने जो गलतिया निकाली थीं उसके बाद भी बहुत से typing Error ऐसे होते हैं जो छूट जाते हैं. इन्ही Errors को दूसरी रीडिंग में पकड़ा जाता है.

हालांकि दूसरी रीडिंग में पहली रीडिंग के बराबर गलतिया नहीं निकलतीं. और हमेशा दूसरी Proofreading किसी दूसरे Proofreader से ही कराई जाती है.

3. Third Reading

Third प्रूफ रीडिंग किसी किसी जगह ही कराई जाती है. ज़्यादातर Publishing House में केवल दो ही रीडिंग होती हैं. फिर भी अगर कोई कोई content ऐसा है जिसकी Third रीडिंग जरूरी है तो उसकी third रीडिंग कराई जाती है.   

Proofreading के लिए योग्यता

वैसे तो एक Proofreader के लिए कोई विशेष योग्यता तय नहीं है. फिर भी ज़्यादातर ग्रेजुएशन के बाद ही प्रूफ रीडिंग की सलाह दी जाती है. क्योंकि ग्राजुएशन करने तक किसी भी व्यक्ति के अंदर काफी हाइ लेवल का ज्ञान उत्पन्न हो चुका होता है. आजकल प्रूफ रीडिंग के कोर्स भी होते है. जो 6 महीने से लेकर 1 साल तक के होते हैं.

प्रूफ रीडिंग के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है अपनी नॉलेज को हमेशा update करते रहना. और हाँ एक सबसे जरूरी बात जो एक Proofreader के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कंसिस्टेंसी से काम करना. प्रूफ रीडिंग के लिए सबसे अधिक कनसंट्रेसन की जरूरत होती है.

Proofreading क्या है,
PRoofreading and Editing
Proofreading and Editing

Proofreading से पैसे कैसे कमाएं

Proofreading jobs- जी हाँ आप किसी भी Publishing हाउस में एक full time Proofreader की जॉब भी कर सकते हैं. आज कल Publishing का बिज्निस जिस तेजी से बढ़ रहा है. उसी तेजी से Proofreaders की मांग भी बढ़ रही है. Proofreading के काम में editing जुड़ जाने से इसके वेतन और मांग में काफी व्रद्धि हुई है.

Freelancing Proofreading- ऐसा नहीं है कि प्रूफ रीडिंग के लिए आपको जॉब ही करना पड़े. अगर आपकी प्रूफ रीडिंग की क्वालिटी अच्छी है तो आप Freelance प्रूफ रीडिंग भी कर सकते हैं. आजकल बहुत सी Upwork.com जैसी Website Freelance प्रूफ रीडिंग कराती हैं. जिनके बारे में विस्तार से हम अपनी अगली पोस्ट में जानकारी देंगे.

अगर आपका नेटवर्क अच्छा है तो आप अपने आसपास के Publishing house से Freelance जुड़कर भी प्रूफ रीडिंग का काम कर सकते हैं. इतना ही नहीं आप बाहर के Publication से Outsource करके भी काम ले सकते हो.

Proofreading से कमाई-

वैसे तो Proofreaders की कमाई उनकी काबिलियत और उनकी काम करने की क्षमता पर निर्भर करती है. एक Proofreader जितना बखूबी अपना काम करेगा उसका वेतन उसी पर निर्भर करेगा. आज के काम और विषय पर अच्छी पकड़ के हिसाब से एक Proofreader आसानी से 25-30 हजार रुपए महिना कमा सकता है. इतना ही नहीं कुछ ऐसे Proofreader भी हैं जो 50 से 60 हजार रुपए महिना भी कमा रहे हैं.

Conclusion

दोस्तो मुझे पूरा विस्वास है Proofreading क्या है- इससे पैसे कैसे कमाएं की यह पोस्ट आपको जरूर पसंद आई होगी. हमारी कोशिश रहती है आपको अधिक से अधिक जानकारी दें. आपको ये पोस्ट कैसी लगी हमें कमेंट बॉक्स में comment करके जरूर बताएं.

अगर आप इस पोस्ट और उसकी जानकारी को अपने अधिक से अधिक मिलने वालों तक पहुंचाना चाहते है. तो क्रप्या Facebook, और Whatsapp जैसे सोश्ल मीडिया पर जरूर शेयर करें.

… आपका बहुत बहुत धन्यबाद !

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