Body Compass क्या है- यह कैसे काम करता है

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What is Body Compass- How does it work

जब आप रात में गलत पोजीशन में सोते हैं. तो इस वजह से जब आप सुबह सोकर उठते हैं. तो ताजगी महसूस नहीं करते. दिनभर थकान फील करते हैं और शरीर टूटता रहता है. तो आपकी इसी तरह की परेशानियों से निपटने के लिए मेशाचुसेट्स प्रोद्धोगिकी संस्थान अमेरिका के वैज्ञानिकों ने body compass नमक तकनीक विकसित की है. तो चलिए आपको बताते हैं Body Compass क्या है- यह कैसे काम करता है.

आम तौर पर इस तरह के लक्षणों को लोग नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन इसकी आड़ में धीरे धीरे न्यूरो से सम्बंधित बीमारियाँ शरीर में अपनी जगह बनाती रहती हैं. आपकी इसी तरह की परेशानियों से निपटने के लिए वैज्ञानिकों ये Body Compass नामक तकनीक विकसित की है.

आज की भागदौड़ की जिंदगी में लोगों की जीवन शैली में तनाव का परमानेंट स्थान हो गया है. और इस वजह से उनकी सोने की आदतों में भी बदलाव आया है. जिस वजह से होने वाली बीमारियों को मोनिटर करता है ये Body Compass तकनीक.

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किन लक्षणों में काम करती है Body Compass तकनीक

इस तकनीक के आधार पर वैज्ञानिकों ने एक विशेष उपकरण तैयार किया है. जिसका नाम है ‘एमआईटी स्लीप मॉनिटर रेडिओ सिग्नल. जिसकी मदद से पार्किसन, अल्जाइमर और मिर्गी जैसी बीमारियों का पता लगाया जा सकता है.

इस उपकरण की मदद से सोते समय शरीर की पोजीशन को ट्रेक किया जा सकता है. जिसकी मदद से पार्किसन जैसे रोग को का पता लगेगा. ये वह बीमारी है जिसकी वजह से लोग सोते समय करवट लेने की क्षमता खो देते हैं. जो संभवतः इस बीमारी का शुरुआती लक्षण है.

वैज्ञानिकों ने Body Compass की प्रमाणिकता चेक करने के लिए लोगों की नींद का डाटा इकठ्ठा किया गया. फिर उसकी सटीकता जाँची गई. इस डिवाइस का जब परिक्षण किया गया तो यह पाया गया. कि यह सोने के सही तरीके का निर्धारण करने में सक्षम है.

यह डिवाइस अल्जाइमर के होने वाले खतरे की भी जानकारी दे सकता है. इस बीमारी के रोगी याददाश्त की कमी की वजह से करवट लेना भूल जाते हैं. इतना ही नहीं नींद ना आने की समस्या में जिसे स्लिप एपनिया कहते हैं. को कम करने में भी यह मददगार साबित होता है.

कहा जा रहा है कि भविष्य में Body Compass को अन्य उपकरणों के साथ भी जोड़ा जा सकता है. जिसकी मदद से स्मार्ट गद्दे तैयार किये जा सकेंगे. शोधकर्ताओं का दावा है. आज के इस समय में इस तरह के उपकरण नींद के दौरान मस्तिष्क में होने वाली उथल पुथल पर नजर रखने में सहायक साबित होंगे.

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Body Compass तकनीक कैसे काम करती है       

यह तकनीक बिलकुल नई है. या यों कहिये अभी लांच होने को है. तो आप ये जरुर जानना चाहोगे कि यह काम कैसे करती है. तो चलिए आपको बताते हैं कि यह तकनीक कैसे काम करती है.

इस तकनीक में दीवार पर एक मॉनिटर लगाया जाता है. जिसे शोधकर्ताओं ने Body Compass नाम दिया है. इस उपकरण की मदद से कैमरों का उपयोग किये बिना और बिना शरीर पर सेंसर लगाये. नींद में लोगों की शारीरिक मुद्राओं की निगरानी की जा सकेगी.

यह उपकरण रेडिओ सिग्नल के जरिये काम करता है. होता ये है कि शरीर के रेडिओ सिग्नल संकेत और कमरे में मौजूद अन्य वस्तुओं के रेडिओ सिग्नल  संकेत अलग अलग होते है. यह उपकरण उन संकेतों पर अपना ध्यान लगाता है. जो किसी व्यक्ति की छाती और कमर से आते हैं. सोते समय शरीर के जिन अंगों में हलचल होती है यह उन्ही पर ध्यान केन्द्रित करता है.

Conclusion  

तो दोस्तों आपको हमारी ये पोस्ट. Body Compass क्या है- यह कैसे काम करता है कैसी लगी. हमारी कोशिश रहती है कि. आप तक ज्यादा से ज्यादा जानकारी लेकर आयें. जो आपको अधिक से अधिक लाभ पहुंचाए.

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